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FII / DII डेटा कैसे पढ़ें: NSE पार्टिसिपेंट-वाइज़ ओपन इंटरेस्ट

हर शाम NSE बताता है कि विदेशी संस्थान, भारतीय संस्थान, प्रो ट्रेडर और रिटेल क्लाइंट के पास निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स के कितने लॉन्ग और शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट हैं। इन नंबरों को सही तरह से कैसे पढ़ें और इनसे धोखा कैसे न खाएँ, यह यहाँ समझिए।

पार्टिसिपेंट-वाइज़ ओपन इंटरेस्ट क्या है

हर ट्रेडिंग दिन के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) एक छोटी पब्लिक फ़ाइल जारी करता है जिसका नाम है participant-wise open interest। इसमें हर खुला डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट — इंडेक्स फ्यूचर्स, स्टॉक फ्यूचर्स, इंडेक्स ऑप्शंस और स्टॉक ऑप्शंस — ट्रेडरों के चार समूहों में बाँटकर गिना जाता है। यह अमेरिका की CFTC COT रिपोर्ट जैसा है, लेकिन एक बड़े फ़ायदे के साथ: यह हफ़्ते में एक बार नहीं, हर दिन आता है।

ज़्यादातर ट्रेडर इस फ़ाइल के एक हिस्से पर ध्यान देते हैं: इंडेक्स फ्यूचर्स, क्योंकि बड़े खिलाड़ी पूरे बाज़ार पर सीधा और लीवरेज वाला दाँव निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में ही लगाते हैं।

FII, DII, Pro और Client

समूहये कौन हैंक्या उम्मीद रखें
FII (विदेशी संस्थान)विदेशी बैंक, फंड और पोर्टफ़ोलियो निवेशक (FPI)सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला समूह; बड़ा और तेज़।
DII (घरेलू संस्थान)भारतीय म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियाँ, बैंकअक्सर बड़े शेयर पोर्टफ़ोलियो के हेज के लिए फ्यूचर्स रखते हैं।
Pro (प्रोप्राइटरी)अपने पैसे से ट्रेड करने वाले ब्रोकरसक्रिय, छोटी अवधि वाले, अक्सर मार्केट-न्यूट्रल।
Clientरिटेल ट्रेडर और ब्रोकरों के दूसरे क्लाइंटअक्सर FII की उलटी तरफ़।

हर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में एक ख़रीदार और एक बेचने वाला होता है, इसलिए चारों समूह हमेशा बराबर हो जाते हैं: कुल लॉन्ग = कुल शॉर्ट, और चारों की नेट पोज़िशन का जोड़ शून्य होता है। अगर FII बहुत शॉर्ट हैं, तो कोई — अक्सर क्लाइंट — उतना ही लॉन्ग है।

लॉन्ग, शॉर्ट, नेट और नेट चेंज

  • Long — वे कॉन्ट्रैक्ट जो इंडेक्स बढ़ने पर फ़ायदा देते हैं।
  • Short — वे कॉन्ट्रैक्ट जो इंडेक्स गिरने पर फ़ायदा देते हैं।
  • Net = Long − Short। पॉज़िटिव = नेट लॉन्ग, नेगेटिव = नेट शॉर्ट।
  • Net change — पिछले सेशन से नेट कितना बदला। यह अक्सर नेट से भी ज़्यादा काम का होता है।
  • Long % — समूह की पोज़िशन में लॉन्ग का हिस्सा। 50% = संतुलित; 11% = लगभग सब शॉर्ट।
ICC Terminal में FII, DII, Pro और Client की इंडेक्स फ्यूचर्स पोज़िशन, नेट चेंज और लॉन्ग प्रतिशत के साथ
ICC Terminal का India Markets टैब: लॉन्ग, शॉर्ट, नेट, नेट चेंज, लॉन्ग % और हर समूह का ओपन इंटरेस्ट में हिस्सा। स्रोत: NSE।

16 अक्टूबर 2026 की फ़ाइल का उदाहरण: FII के पास 39,966 इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग और 312,965 शॉर्ट थे — यानी 272,999 कॉन्ट्रैक्ट का नेट शॉर्ट, और उनकी पोज़िशन का सिर्फ़ 11.3% लॉन्ग। एक दिन पहले नेट शॉर्ट 279,827 था, तो नेट चेंज +6,828 रहा: अब भी बहुत शॉर्ट, लेकिन थोड़ा कम।

FII पोज़िशन कैसे पढ़ें

आप क्या देखते हैंआम तौर पर मतलब
FII नेट शॉर्ट और कई दिन से और शॉर्ट हो रहे हैंविदेशी शॉर्ट या हेज बढ़ा रहे हैं — लॉन्ग वालों के लिए सावधानी।
FII नेट शॉर्ट, लेकिन रोज़ नेट चेंज पॉज़िटिवशॉर्ट कवरिंग — बिकवाली का दबाव घट रहा है; अक्सर तेज़ी से पहले दिखता है।
हफ़्ते भर में FII का लॉन्ग % बढ़ रहा हैविदेशी पैसा ज़्यादा बुलिश हो रहा है।
FII नेट लॉन्ग और बढ़ रहा हैइंडेक्स फ्यूचर्स में मज़बूत विदेशी ख़रीद।
क्लाइंट बहुत लॉन्ग और FII बहुत शॉर्टरिटेल संस्थानों की उलटी तरफ़ है; कई ट्रेडर इसे कॉन्ट्रेरियन चेतावनी मानते हैं।

किसी एक दिन से ज़्यादा 5–20 सेशन की दिशा मायने रखती है। इसीलिए ICC Terminal चारों समूहों का Net position trend चार्ट बनाता है: एक नज़र में दिख जाता है कि FII लाइन ऊपर जा रही है (कवरिंग) या नीचे (और शॉर्ट)।

हेजिंग का जाल

भारतीय शेयरों का बड़ा हिस्सा FII के पास है। जब उन्हें सुरक्षा चाहिए, तो सबसे सस्ता तरीक़ा निफ्टी फ्यूचर्स बेचना है। इसलिए FII का बड़ा शॉर्ट कई बार शेयरों का बीमा होता है, बाज़ार गिरने का दाँव नहीं। DII भी अपने पोर्टफ़ोलियो के साथ यही करते हैं।

FII पोज़िशन को निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स फ्लो के साथ मिलाकर देखें। गिरता इंडेक्स, बढ़ता ओपन इंटरेस्ट और बढ़ते FII शॉर्ट — यह अकेले FII नंबर से कहीं ज़्यादा मज़बूत बेयरिश तस्वीर है।

ICC Terminal में कहाँ देखें

  • वेबसाइट: iccterminal.trade/india — लॉगिन की ज़रूरत नहीं।
  • वेब टर्मिनल / Windows ऐप: टैब के ऊपर 🇮🇳 India Markets बटन।
  • Android ऐप: होम स्क्रीन के REGIONAL MARKETS · FREE सेक्शन में 🇮🇳 India Markets टाइल।

NSE भारतीय शाम में फ़ाइल जारी करता है; ICC Terminal इसे लगभग 14:00 UTC (भारत में शाम 7:30) से लेता है और सेशन आने तक फिर कोशिश करता है। शनिवार, रविवार और NSE छुट्टियों पर नई फ़ाइल नहीं आती। पूरी जानकारी India Markets गाइड (हिन्दी और English) में है।

पोज़िशन बताती हैं कि ट्रेडरों ने क्या किया, यह नहीं कि बाज़ार क्या करेगा। यह शिक्षा के लिए एंड-ऑफ़-डे डेटा है, वित्तीय सलाह नहीं। फ्यूचर्स और ऑप्शंस में उम्मीद से ज़्यादा नुकसान हो सकता है।

FII / DII पोज़िशन, हर शाम मुफ़्त

India Markets में पार्टिसिपेंट-वाइज़ ओपन इंटरेस्ट, निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स फ्लो, निफ्टी, सेंसेक्स, इंडिया VIX और USD/INR — सबके लिए मुफ़्त। स्रोत: NSE।

सवाल-जवाब

NSE पार्टिसिपेंट-वाइज़ ओपन इंटरेस्ट कब जारी करता है?

हर ट्रेडिंग दिन बाज़ार बंद होने के बाद भारतीय शाम में। ICC Terminal इसे लगभग 14:00 UTC (भारत में शाम 7:30) से डाउनलोड करता है।

क्या FII का बड़ा शॉर्ट मतलब बाज़ार गिरेगा?

हमेशा नहीं। FII के कई इंडेक्स फ्यूचर्स शॉर्ट उनके भारतीय शेयरों का हेज होते हैं। एक दिन के नंबर से ज़्यादा FII नेट पोज़िशन का ट्रेंड और रोज़ का बदलाव बताता है।

क्या ICC Terminal पर FII / DII डेटा मुफ़्त है?

हाँ। India Markets वेबसाइट, वेब टर्मिनल और Android ऐप पर सबके लिए मुफ़्त है, अकाउंट के साथ या बिना।